अपने अपने सपने एक बड़ा शहर हैं , छोटी छोटी कई गलियों से बना बड़ा शहर .. इसी शहर की आपस में उलझी गलियां बाहर जाते जाते ऐसे सुलझती हैं कि एक बड़ी चार लेन की सड़क बन जाती हैं इसी सड़क पर आगे बढ़ने पर सड़क के किनारे एक छोटा सा घर आता हैं , घर प्रकाश का.... रात को सड़क पर आती जाती गाड़ियों की हलकी पीली रोशनी प्रकाश के घर पर पड़ती हैं तो सड़क से गुजरने वालों के लिए चंद पलों के लिए वह अस्तित्व में आता हैं और फिर वापस डूब जाता हैं अपने पुराने अंधियारे में... वैसे घर क्या कहे , उबड़ खाबड़ सी बनी दीवारे उस पर जबरदस्ती टांगे से गए टीन के चद्दर, बाहर आँगन में टँगा एक बंद बल्ब और दो सपने... एक प्रकाश का एक प्रकाश के बेटे राहुल का प्रकाश का सपना की पिछली बारिश में जो टीन की छत डाली थी उसके लिए जो पैसे उधार लिए थे वह चुकता कर दे ताकि सेठ जी बार बार लड़के को भेज कर उन्हें जलील न करे राहुल का सपना थोड़ा बड़ा था की उसने पाठ्यपुस्तक में जिन अब्दुल कलाम की कहानी पढ़ी थी उनके जैसा साइंटिस्ट बनने का सपना ...
कैसे नेता करते है नफरत फैलाने के लिए आपका उपयोग ? तो भैया आजकल आपका पूरा व्हाट्सएप्प आपके धर्म से विरोध में नारे लगाते हुई भीड़ के वीडियो से भर गया होगा , उन्हें देख देख के आपका खून भी उबल रहा होगा और अब आप उन लोगो के प्रति नफरत से भर गए होंगे और उस वीडियो के साथ 4 गालियां लिख कर आप अपने सारे ग्रुप में पोस्ट भी करने वाले होंगे और साथ में यह भी लिखने वाले होंगे की "देखो इन लोगो को अगर हमने हमारे नेताजी को वोट नहीं किया तो यह हमें बर्बाद कर देंगे, हमारा जीना दूभर कर देंगे इसलिए इन्हें इस देश से निकाल फेकना ही होगा" पर यह सब मत कीजियेगा , वह मैसेज आगे बढ़ा कर आप कोई देशभक्ति का काम नहीं कर रहे होंगे बल्कि आप उन नेताओं को दंगे फ़ैलाने के उनके मकसद में मदद कर रहे होंगे । केस स्टडी : "हिंदुओ से आजादी" केस अब आप कह रहे होंगे की बेटा तुम ज्ञान तो बहुत बघार लिए , अब बताओ तुम्हारे पास अपनी बात को प्रूव करने का , साबित करने का सबूत क्या है तो आइए चलिए एक केस स्टडी करते है, हाल फिलहाल हुए JNU पर हमले के केस से जुड़ा.. JNU पर हुए इस हमले के विरोध में JNU के पूर्व छ...
BHOPALI LOVE STORY इश्क़ इन भोपाल शाम का वक्त था, रोड के बगल में दूर तलक दिखती झील और उसमें डूबते सूर्य से पानी में तैरती लालिमा माहौल में एक अजीब सी मिठास घोल रही थी, किनारे लगी राजा भोज की प्रतिमा भी आज जरा सा ज्यादा मुस्कुरा रही थी इसी बीच इसी सड़क एक बाइक पर एंट्री होती है हमारे हीरो की , नाम "राहुल ठाकुर" उम्र यही कोई 20-21 के आस पास, गेहुआ रंग औसत कद काठी , चमड़े का जैकेट डालें किसी Normal college going student जैसा हुलिया, राहुल एक हाथ से बाइक का handle सँभालते तो एक हाथ से अपने बालों को संवारते अपनी ही धुन में सरपट चला जा रहा था , वह कभी एक तरफ दिनभर जलते जलाते हुए रवि को पानी की शी...
अपने बचपन में पर्यावरण पर निबंध लिखते वक्त दुष्प्रभाव लिखते वक्त यह भी सोचा ही होगा की यह सब तोह कहने की बाते है इसका इत्ता प्रभाव थोड़ी न होने वाला है ..... पर अब धीरे धीरे वह दुष्प्रभाव ज़मी पर दिखने लगे है और खासकर देश की राजधानी दिल्ली में जहाँ हवा की गुणवत्ता दिन ब दिन बिगड़ती जा रही है और दिल्ली में कई जगह AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) लेवल खतरे के स्तर से ऊपर जा चूका है , यह कई इलाको में 400 के आस पास तोह चाँदनी चौक में 600 के स्तर तक पहुँच चूका है | सुप्रीम कोर्ट की EPCA कमिटी के चेयरमैन भूरे लाल ने कहा है कि " दिल्ली और एनसीआर में हवा की गुणवत्ता कल रात और बिगड़ गई और अब गंभीर स्तर पर है। हमें इसे एक सार्वजनिक स्वास्थ आपातकाल के रूप में लेना होगा क्योंकि इससे सभी पर, विशेषकर हमारे बच्चों पर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा" हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा ने मोर्चा संभाल हुए पहले दिवाली के दौरान फटाको पर रोक लगा कर , फिर बच्चो को मास्क बाँट कर स्थिति पर नियंत...
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